स्मृतियों की गूँज: मिलन की वो चंद घड़ियाँ और विरह का अनंत सफ़र 🌸✨
प्रेम अक्सर पलों में जीता है और सदियों तक याद किया जाता है। वह पहली मुलाकात, हाथों का धीमे से स्पर्श और वो बेफिक्र हँसी—जैसे समय वहीं ठहर गया हो। वे क्षणिक पल किसी जादुई सुखद अनुभूति से कम नहीं थे, जहाँ दुनिया का शोर थम गया था और सिर्फ दो दिलों की धड़कनें सुनाई देती थीं।
लेकिन नियति का खेल देखिए, वही आनंदपूर्ण क्षण अब विरह की अनंत पीड़ा बन चुके हैं। आज जब अकेलेपन की चादर ओढ़कर उन स्मृतियों को कुरेदते हैं, तो वह बीता हुआ सुख आँखों में नमी बनकर उतर आता है। प्रेम पाना सौभाग्य है, पर उसे खोकर उसकी यादों के सहारे जीना एक तपस्या।
शायद सच्चा प्रेम वही है जो पास न होकर भी एहसास में जिंदा रहे। विरह कठीन है, पर वह साथ बिताया हर लम्हा आज भी रूह को सुकून दे जाता है।🔥💕