संघर्ष करती लड़की की उदासी के और भी मसले हो सकते हैं समाज
आप शादी बोलकर उसकी उदासी का अपमान कर देते हैं
ये काफी हद तक सच है कि औरते कितना भी पढ़ लिख जाए
उनके विचार कुंद ही रहते है
वे कोशिश ही नहीं करती घरेलू मानसिकता से बाहर आने का
सबसे ज्यादा भ्रमित प्राणी भी यही है कि हम तो कमा रहे आजाद हैं
भले ही जीवन में अपने ही जीवन का बिना पूछे कोई डिसीजन न ले पाई हों
हर शादी, से दुखी औरत दूसरी कुंवारी लड़की को ज्ञान दे रही होती है हमने झंड कर ली आप भी कर लो ।
Instegram रील देखने से कुछ नहीं होता पहले आप खुद समाज में परिवर्तन स्वीकार करो आंटियों।
और रही बात समाज में संतुलन बनाए रखने की तो आप बैचलर को ज्ञान न दे जरा शादी शुदा समाज पर भी फोकस करे
भाभियों का अलग fake अकाउंट है भैया ऑफ़िस से लेट आते है । नीड्स तो इनकी शादी करके भी पूरी नहीं हो रही ।