ए ज़िन्दगी तुझे क्या कहु ????
मेरे साथ तूने क्या किया ,,,,,!
जहाँ आस का कोई दिया नहीं ,,,
मुझे उस नगर में पहोचा दिया …..!
ना में आगे बढ़ सकती हूँ,
नहीं रुक सकती हूँ…!
नाही दिल की बात समज सकू …!
नहीं किसीको कुछ कह सकती हूँ .…,
तुझे क्या कहूँ तूने क्या किया…?
मुझे मंजिल की खबर तो दी…..!
पर रस्तों को उलझा दिया..
ए ज़िंदगी तुझे क्या पता?
यहाँ किसने किस को गँवा दिया,,,,,,,!
ए ज़िन्दगी तुझे क्या कहूँ ?????
मेरे साथ तूने क्या किया?????? 😇