बहुत कुछ खोने के बाद पता चला कि जो चाहिए था वो तो कब का खो गया.............
अब जो मिल रहा है वो कान्हा की रज़ा है.........
क्यों ही ख़फ़ा हो जाए किसी के ना होने से........
शायद जो मेरा था वो जाता नहीं और जो चला गया वो मेरा नहीं.........
इसी लिए जो है वो भी ठीक और जो नहीं है......
उसका भी कोई मलाल नहीं.........