देव शक्ति नारी ---
सृष्टि युग की गौरव
प्रकृति प्रवृति की
अनिवार्यता परम्
शक्ति की सत्ता नारी
शक्ति आधार।।
ब्रह्म विष्णु शंकर
शिवा वैष्णवी सरस्वती
परम् शक्ति सत्ता ईश्वर
की भागीदार।।
सृष्टि पूर्ण तभी होती
जब नारी लेती प्रथम
अवतार।।
नर नारायण की
शक्ति में नारी
समान हिस्सेदार।।
देश काल परिस्थिति
चाहे जो भी हो
नारी शक्ति से अविनि
आकाश निर्माण।।
नारी अनिवार्य तथ्य
तत्व सृष्टि की दृष्टी
दिशा संस्कृति संस्कार।।
देव नारी से नारी से
राष्ट्र समाज अर्धनारीश्वर
देव परम् शक्ति सत्ता का अंगीकार।।
नारी स्वरूप है परम्
शक्ति सत्ता भरत भारत
भारती दर्शन संस्कृति
प्रमाण।।
नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश!!