"अगर मैं ना जाती..."
अगर मैं ना जाती, तो तुम समझते कैसे,
ख़ामोशियों में भी इश्क़ पलता कैसे...
हर रोज़ जो थी तुझसे मेरी लड़ाई,
वो भी तो थी मेरी मोहब्बत की परछाई...
तू कहता रहा मैं बदल गई हूं,
मैं सहती रही कि तू सलामत रहे कहीं...
छोड़ आई तुझे इस दिल की भीड़ में,
ताकि तुझे खुद से ज़्यादा तू प्यारा लगे कहीं...
आज कहता है — "काश तू ना जाती",
पर शायद तब तू मुझे समझ ना पाता...
मैं गई ताकि तुझपे कोई ग़म ना आए,
मैं गई ताकि तू मुझे कभी भूल ना पाए… 🖤
kajal Thakur 😊