कुछ तो था आज की सुबह में.......
कुछ तानो से शुरू हुई.......
फिर थोड़ा सा बुरा लगा.......
खुद के लड़की होने में......
फिर जरा सी बात दिल में बैठ गई......
और फिर क्या बस यूं ही सोचते सोचते दिन ढल गया.......
और मन थोड़ा सा उदास रहा......
हैरानी तो तब हुई जब किसी ने ये भी ना पूछा कि यूं उदास क्यों बैठी हो.......
हम है ना तेरे साथ आज कहने वाला कोई ना था............
Miss you dad