स्पर्श की इच्छा
स्पर्श की इच्छा से पुनर्जन्म होता है,
जब आत्मा की गहराई में कोई हलचल होती है।
वह स्पर्श जो दिल को छू जाए,
नवजीवन की राह दिखाए।
वह पहला स्पर्श, जो जीवन को रंग दे,
हर दर्द को मिटा, हर खुशी को संग दे।
उस स्पर्श की चाहत में, हम फिर से जी उठते हैं,
हर बार नए सपनों में, हम खुद को पाते हैं।
वह स्पर्श जो सर्द रातों में गर्माहट लाए,
जो हर उदासी को मुस्कान में बदल जाए।
उस स्पर्श की चाहत में, हम फिर से जी उठते हैं,
हर बार नए अरमानों को, नए पंख दे।
वह स्पर्श जो हर आंसू को मोती बना दे,
जो हर टूटे दिल को फिर से जोड़ दे।
उस स्पर्श की चाहत में, हम फिर से जी उठते हैं,
हर बार नए जीवन में, हम खुद को पाते हैं।
वह स्पर्श जो हर ख्वाब को हकीकत बना दे,
जो हर अधूरी कहानी को मुकम्मल कर दे।
उस स्पर्श की चाहत में, हम फिर से जी उठते हैं,
हर बार नए सफर में, हम खुद को पाते हैं।
वह स्पर्श जो हर दर्द को सुकून में बदल दे,
जो हर अंधेरे को रोशनी में बदल दे।
उस स्पर्श की चाहत में, हम फिर से जी उठते हैं,
हर बार नए जीवन में, हम खुद को पाते हैं।