जब आप जिंदगी की जद्दोजहद से उलझ रहे हो तब घंटा कोई मोटिवेशन काम नहीं करता बाहरी दुनिया के शोर से ज्यादा रूह कितना चीखती है इसका कोई अंदाजा नहीं लगा सकता नब्ज़ थम जाती है सासों की उथल-पुथल में हमारी लाख कोशिशों के बाद भी एक एक कर सब कुछ छूट जाता है हाथों से !!