कभी ख़ामोश बैठोगे कभी गुन गुनाओगे
में उतना याद आऊंगा जितना भुलाओगे

कोई जब पूछ बैठेगा तुम से ख़ामोशी का सबब
बहुत समझाना चाहोगे मगर समझा न पाओगे

मेरा गम तुम्हे मुस्कुराने पर मजबूर कर देगा
किसी महफिल में आओगे तो बस मुस्कुराओगे

mr इंडिया आएगा कभी तुम्हारे लबों पर हशी बनकर
बस मेरी आहट पाओगे पर मुझे नही पाओगे

कभी रोहित आएगा मुकम्मल बन तुम्हारी आंखों में
कभी मेरी कमी हर एक राह में पाओगे

कही भी रहे हम दोनों फिर मोहब्बत तो मोहब्बत है
तुम्हे हम याद आयेंगे हमे तुम याद आओगे

और बहुत आयेंगे याद एक दिन

Hindi Poem by Lotus : 111940652
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