Hindi Quote in Shayri by JUGAL KISHORE SHARMA

Shayri quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

लफज-ए-वफा--
--
खि़जा-दार वुसअत-ए-हिज्र में सहर भी नहीं,
बुलबुल को राहत-ए-हज़ीं का असर भी नहीं।

लफज-ए-वफा यादों की चश्म-ए-तलाब में,
जांसार ख़्वाब-ए-ख़ुशबू का सफर भी नहीं।

रंजिषन में लहू की सियाही इरादतन भरी,
ख़याल में बस वो निगाहें दरेबदर भी नहीं।

वो साया-ए-गुल जो कभी अदाओं में पास था,
हमनंवा यारब वो भी मेरे पास गरबर ही नहीं।

उसकी बातों असर कम रहा, इस मगर कुछ नहीं,
बरसों का ख्वाब, पर जंगेजिद मयस्सर भी नहीं।

तेरी तर्क-ए-नज़र का छुपाया वो मलाल है,
इश्क़-ए-मुस्लसर में अब इधर-उधर भी नहीं।

कश्ती-ए-उम्मीद रहबर मयखाने तन डूब गई,
किनारा भी तो कोई किनारा तो गरज भी नहीं।

जाने जमाने के बाते, जब दिल-ए-नाशाद है,
वतन परस्ती में कोई अब दारोमदार भी नहीं।

आरस्ता-नजर मोहब्बत की रस्में जो निभाईं गईं,
सुजूद-ए-षोक बेजा, वो भी मेरी परवाह ही नहीं।

ईष्क-ए-नफरमान का अब कोई साया नहीं,
बहकी यादों का अब कोई सरमायाह भी नहीं।

तुझसे मिलने की अब आरज़ू हरगिज भी नहीं,
दिल में अब कोई जुस्तजू-ए-मामलात भी नहीं।

जमुरियत या रब, मसला अब ख़्वाबों में नहीं,
लफ़्ज़-ए-शनाख़्त अब जुनूबी तलाश भी नहीं।

ग़म-ए-हिज्राँ में अब कोई मुफलिसी यु राहत नहीं,
जीऩा-ए-राब्ता, मसलन असलन चाहत भी नहीं।

दौरे हुकूमत आनी जानी बस कोई फ़साना नहीं,
रहबर-ए-मसरिक हूं में ना में अफसर भी नहीं।

मंह-ओ-अंजुम तेरी राहों में अब कोई आस नहीं,
चोट बातिल या गाफिल मिठास खटास भी नहीं।

दिनार-ए-खटाखट तर्क-ए-नज़र का मलाल है,
इश्क़ में अब कोई सवाल नहीं, जवाब भी नही।

कश्ती-ए-उम्मीद किमतों की बाजागरी में जब
अधेरों हटा बेवजह नामारूद जादूगर भी नहीं ।

जिन्दगी-ए-जरा हटके मजे दिल-ए-नाशाद है,
बजाह-ए-राह-ए-हिज्र देअब कोई फ़रयाद भी नहीं ।

-----
सप्रेम-स्वरचित मनोरजंन मनोरथपूर्ण भाव सहित
केवल चितंन योग्य, मय आंनन्द,अकथ बस, नेपथ्य में बहुत कुछ सामाजिक,आर्थिक और राजनैतिक परिदृश्य के मांनिद ,
© जुगल किशोर शर्मा-बीकानेर-9414416705
केवल चितंन योग्य, मय आंनन्द

Hindi Shayri by JUGAL KISHORE SHARMA : 111940434
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now