नया नया इश्क़ फ़रमाया जाएगा ,
बिछड़ कर क्या सताया जायेगा?
दुश्मन बन कर सताना अच्छा है,
वफादारी से दूर हि रहना अच्छा है,
हमारी तुम्हारी तमन्ना सब फिजूल है,
घाटे मे उतरना उससे तो जुदा हीअच्छा है,
उठा कर फ़ेक देना अब इस लापरवाही के किस्से,
कब तक आईने और कमरे से गुफ्तगु करके जिये हम,
देखना अभी तो सारा जमाना पड़ा है नजरिये मे अंधे क्यु बने हम,
ये जहाँ मे रहने वाले बेफिक्र से है तो लोगो की फिक्र करके क्यु मरे हम।
DEAR ZINDAGI 🙏