અજાણ્યો પત્ર - 12
कठिन प्रयासों के बाद मुझे आज समझा आया की मैं ही गलत था! इसलिए मैं तुमसे क्षमा चाहता हूं कि मैं नहीं समझ सका तुम्हारे दैहिक बर्ताओ को मैं नहीं जान पाया की तुम्हारी दिलो में भी कितनी वेदनाएं गड़ी है! काश मैं समझ जाता तो तुम यू न होती मुझसे खफा!, न करता मैं महोब्बत न कहलाती तुम बेवफा!