#Mango
मैं और मेरे अह्सास
बदलते रिश्ते के साथ बदलता इंसान हैं l
गधा पहलवान ग़र ख़ुदा महेरबान हैं ll
चाहें कितना भी बड़ा तिश्मार खां हो l
किसीकी नहीं चलती वक्त महान हैं ll
राह देखो तो क्या कुछ नहीं मिलता l
आम की मिठास पर जहां कुर्बान हैं l
सुहानी यादों के सहारे जी ही लेगे l
बस एक मुलाकात का अरमान हैं ll
औलाद को बेहाल मारा फिरता देख l
आज हेरान ओ परेशान बागबान हैं ll
किसकी सजा किसको मिल रहीं हैं l
साथ हम दोनों के रोया आसमान हैं ll
सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह