#Joker
मैं और मेरे अह्सास
खुदा की क़ायनात में सब जोकर हैं l
इस रंगमंच में एकदूसरे के नोकर हैं ll
वहीं पाया है जो आजतक बोया है l
यहाँ कुछ भी मिलता कुछ खोकर हैं ll
जब तक साँसें चलती दुनिया छलती l
सुन मिलता चैन कबर में सोकर हैं ll
यहाँ कोई किसीका नहीं है जान जा l
मुकम्मल तो दर-ब-दर का होकर हैं ll
लम्हा भर खुशी ओ ढेर सारे ग़म है l
संभलना क़दम क़दम पर ढोकर हैं ll
५-६-२०२४
सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह