#Songs
मैं और मेरे अह्सास
पैग़ाम आया है चलो कहीं दूर चले l
दिल में सो तरह के अरमान है पलें ll
मन मस्त पंछी बनके उड़ चला है l
पहुँचे पास सजना के शाम ढले ll
दूर तक साथ चलने का वादा l
दुआ करते हैं फ़िर से ना छलें ll
गुलिस्तां में जाकर गीत गुनगुनाए l
प्यार से एकदूसरे के मिले गले ll
खों जाए आसमान की रवानी में l
जल्द मंजिल की ओर निकले ll
२-६-२०२४
सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह