#Character
मैं और मेरे अह्सास
बिजली की तरह गरज़ कर खो मत जाना l
दर्दे जुदाई की चिनगारियाँ बो मत जाना ll
किरदार दौनों का एक ही जैसा है तो l
कड़ाके और बौछार से ढो मत जाना ll
इससे मिलती झुलती सनम की हँसी l
चमक से तड़प कर ख़ुद सो मत जाना ll
फिझाओंमे सरसरी आवाज़ ले आती हैं l
गुलशन में उजाले को देख रो मत जाना ll
रहमत है ये ख़ुदा की जो बारिश लाएगी l
डर के मारे नौ दो ग्यारह हो मत जाना ll
३०-५-२०२४
सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह