दोपहर की धूप में, मन बेचैन है
धूप की किरणें तन पर पड़ रही हैं,
पर मन में तेरा ही ख्याल आ रहा है.
तेरे एक मुस्कुराहट भरे मेसेज का इंतजार है,
जैसे प्यासे को छाया की तलाश है.
पंछी भी मधुर गीत गा रहे हैं,
पर कानों में तेरी ही आवाज गूंज रही है.
तेरे एक मुस्कुराहट भरे मेसेज का इंतजार है,
जैसे दीपक को तेल की बूंदों का इंतजार है.
हवाएं भी मानो रुक गई हैं,
दिल की धड़कनें तेज हो गई हैं.
बस तेरे ही आने का इंतजार है,
जैसे सूरजमुखी को सूरज की किरणों का इंतजार है.
आ जाओ ना तुम जल्दी से,
मेरा दिल है बेकरार तुम्हारे बिना.
तेरे एक मुस्कुराहट भरे मेसेज का इंतजार है,
जैसे पंखी को अपने घोंसले का इंतजार है.
यह शायरी मेरे दिल की आवाज है,
तुम्हारे बिना जीवन अधूरा है.
आ जाओ ना तुम जल्दी से,
मेरा इंतजार खत्म करो.