अपराधी को खुला छोड़ेगें तो खुल्लमखुल्ला अपराध तो करेगा और अपने आप को सही साबित करेगा ।
हर वक्त वक्ता है सब झूठ बोलेल आहे
बहदवास है कुछ यूही महल डोलेल आहे
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मुफत ए बाजीगरी, शराब दवा सुरमा बनाये
क्या खुब है अनाज बेच शराब खोलेल आहे
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आईआईटीयन शायद कुछ जान पहचान बढाये
ये सब तुकल्लफ चक्कलस कुर्सी झोलेल आहे
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घुमन्तु जीव चराचर जगत का स्वाद युही भराये
मोहब्बत आसरा भरभराये गालिब किलोल आहे
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शर्मा मोमन राम हिरदय आजादी शराफत बकाये
हर और आगन काग बाज चिरिया चिलोल आहे
#Smile