जब जीवन में कोई आपको चेक करने वाला नहीं होता। जब कोई आपके जीवन की खबर नहीं लेता। तब आपकी जीवन नैया शुरू में लड़खड़ाती जरूर है लेकिन कुछ हार और संघर्ष के बाद सब कुछ सम्भल जाता है। परिपक्वता आते हैं चुनौतियां साफ़-साफ़ दिखने लगती है। खैर थोड़ी देर हो गयी लेकिन खत्म नहीं हुआ है।