क्या किसी भी हाऊस वाइस को या फिर वर्किंग को
कभी भी छुट्टी मिलती है?
नहीं उनको तो हमेशा के लिए एक ठप्पा लगा दिया जाता है कि।।।
तुम एक लड़की हो।
तुम एक बेटी हो।
तुम एक बहन हो।
तुम एक पत्नी हो।
तुम एक बहु हो।
तुम एक नारी है।
तुमको अपने आंसु छुपा कर सहना है।
तुमको सब कुछ करना है।
तुम अपना कोई अस्तित्व नहीं हो सकता है।
तुम क्या हो?
तुम पर बहुत सारी पाबंदी लगाई जाएंगे।
तुम अगर सुन्दर हो तो दिखाना नहीं है।
तुम अगर कुरूप हो तो भी दिखाना नहीं है।
तुम चाहें ज्वर में तप रही हो ।
फिर भी ऊफ तक नहीं करना है।
बस अपना काम समय से पहले खत्म करना है।
तुम्हें कोई हक नहीं है अवकाश लेने का।
तुमको तो यही पर जीना है।
यहां पर मरना है।
कोई भी दिल का दर्द हो तो।
बस घुटते जाना है।
बस एक दिन हमेशा के लिए।
छुट्टी पर जाना है।
जहां पर कोई शोर नहीं।
कोई रोक-टोक नहीं।
बस एक विराम लग जाएगा।
हमेशा हमेशा के लिए ये जीवन भी।
मृत्यू में बदल जाएगा।
कोई भी इसको दिल पर मत लेना। मैंने सिर्फ एक सोच लिखा है।