"शिक्षा व समत्व भाव से माँ
भर दे हर आँगन में खुशियाँ. ...
नित्य अस्थिर है जग का मन
कहीं अवसान, कहीं अनंत सुख
मोती सी ज्योत्सना बन...
माँ चंद्रघंटे..
सर्वोत्कृष्ट तूलिका बन .......
मेरे करकमल का "शब्द बन माँ तू"
....गहन तम को दूर हटाकर...
मेरा घर आँगन से
खुशियों से भर दे माँ..
(डॉ अनामिका)