✨✨मैं कविता नहीं एहसास लिख रही हूं ,
🌿🌿🌿आज तुम्हारे लिए कुछ खास लिख रही हूं !
⭐⭐जब भी मैं मिली तुमसे अलग से लगे ,
🌿🌿🌿हर रोज मिलने लगे फिर दूर हो गए !
⭐⭐आज तुमसे मिलने की आस लिख रही हूं ,
🌿🌿🌿तुम्हारे लिए कुछ खास लिख रही हूं !
⭐⭐अजनबी से तुम पहचान बन गए ,
🌿🌿🌿पहचान बढ़ते बढ़ते जान बन गए !
⭐⭐मेरी जान तुमको जीने की प्यास लिख रही हूं ,
🌿🌿🌿तुम्हारे लिए कुछ खास लिख रही हूं !
⭐⭐तेरे आने जाने से मैं यूं शायर बनी ,
🌿🌿🌿शब्द कागज पर कैसे बैठते पता ही नहीं !
⭐⭐अपने सीने में दबी सांस लिख रही हूं ,
🌿🌿🌿सच तुम्हारे लिए कुछ खास लिख रही हूं !
🌹brijesh k.....