जिंदा हूं सिर्फ तुम्हारे लिए,
खोया हूं इस दुनिया में सिर्फ तुम्हारे लिए,
बालों में हाथ फेरते हो मेरे,
बैठता हूं इस तरह में सिर्फ तुम्हारे लिए,
नब्ज चलती है बेबाक सी मेरे अंदर,
तकलीफों में सम्हलता हू में बस तुम्हारे लिए,
पैसा जागीर इस दुनिया की रीत –रिवाज है,
हम प्यार में बरस जायेंगे पूरे तुमपे सिर्फ तुम्हारे लिए,
गुमराह हुआ करता है कोई प्यार में,
हम रास्ता बन जायेंगे मुसाफिर का सिर्फ तुम्हारे लिए,
तेरे आलिंगन का असर होता है खूब मुझे,
तेरी सांसों में बसना चाहेंगे सिर्फ तुम्हारे लिए,
बदन,शरीर,बॉडी बस एक झरिया है इंसान की पहेचान का ,
बाकी तो हम चाय में शक्कर की तरह घुल जायेंगे सिर्फ तुम्हारे लिए।।
~नंदी❤️
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