जिंदगी में पहली बार हद तक जा सकता हुं।
जहां तक कोई जा नहीं सकता।।
मैं तेरा साथ पाने के लिए कुछ भी कर सकता हूं।
जो कोई भी नहीं कर सकता।।
प्यार के हर एक लम्हे का सफर लंबा हो चला।
सदियों से जो प्यार दबा था वो ज़ख्म सा हो चला।
पता नहीं आगे का सफर कैसा होने वाला है।।
तेरे दर पर खड़े हैं कब से सनम तेरे लिए।।
जान भी बाकी है वो भी कब से सम्हाले हुए हैं तेरे लिए।।
प्यार का जूनून सा सवार होता जा रहा है।
एक नशा सा कोई चढ़ता जा रहा
आपकी राय जरूर दिजिए।।