#मातृभाषा
मातृभाषा की सरिता पीढ़ी दर पीढ़ी बहती रहनी चाहिए l
उसकी गरिमा ओ गौरव की बातेँ सदा कहती रहनी चाहिए ll
अथाग प्रयत्न करे उसके मूल्यों को बचाये रखने के लिए l
साथ अस्तित्व हेसियत हर प्रांत की चहती रहनी चाहिए ll
धरोहर बचाने के लिए जड़ों को मजबूत करने को और l
वज़ूद बनाये रखने माँ की तरह साथ पहती रहनी चाहिए ll
अजीब सा माहौल है कि माँ की जुबां भूलने लगे हैं आज l
भाईचारे से मुकम्मल दिलों दिमाग में लहती रहनी चाहिए ll
दुनिया का सबसे मजबूत और गहरा प्रेम है मातृभाषा में l
सदा रगों में साथ लहू के माँ की बोली दहती रहनी चाहिए ll
२१-२-२०२४
सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह