एक बार श्री कृष्ण ने
राधा से पूछा ; तुम्हे कभी रुक्मणि से ईर्ष्या या जलन नही होती??
राधा ने हंसते हुए ,बड़े ही प्यार से कहा;
जी नहीं
कृष्ण : क्यों??तुम हमे प्यार नही करती?😔
अगर प्यार करती तभी तो, किसी और को मेरे साथ देख , जलन होती न??😔
राधा ने मुस्कुराते हुए कहा!
श्री कृष्ण में आप को अपनी जान से भी ज्यादा चाहती हू।इसलिए प्यार का महत्व जानती हू। आप हो ही ऐसे मनोहर की , कोई भी आपसे प्यार करने लगेगा ।
जब की वह तो आपकी अर्धांगिनी है,
और आपसे मेरी ही तरह प्यार करती है,। जब मैं नही होती😔 ,वह आपको संभालती है।
और जो मेरे प्यार को , प्यार करे उससे भला ,जलन और ईर्ष्या कैसी??और जो प्यार करता है वही प्यार का महत्व जान सकता है ।
जिसका मन प्यार से भरा हो वही प्यार दे सकता है।
जिसके मन, ईर्ष्या से भरा हो वह बस ईर्ष्या ही कर सकता है। राधा की यह बात सुन श्रीकृष्ण मन ही मन मुस्कुराए।
उन्हे अपने प्यार पर , गर्व महसूस हुआ।
Anurag Basu