Hindi Quote in Romance by kanchan Savi

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मोहब्बत की बारिश में भीग जाएंगे ऐसा बरसेगा सावन..
मैं बन जाऊं सजनी तुम्हारी तुम बन जाओ मेरे साजन..

तुम्हारी मोहब्बत में तनहाई भी अच्छी लगती है..
जिंदगी में तेरी चाहत की मुझे फरमाइश लगती है..
तुमको सोचूं तो हर पल हो जाता मेरा बड़ा मनभावन..
मोहब्बत की बारिश में भीग जाएंगे ऐसा बरसेगा सावन...

हम मन के जज्बातों को बड़े ध्यान से पढ़ते हैं..
तुम सिर्फ मेरे हो,,तुम्हें अपने ख्वाबों में गढतें हैं..
इश्क ही मेरा रब इश्क में लगता मुझको सब पावन..
मोहब्बत की बारिश में भीग जाएंगे ऐसा बरसेगा सावन...

सुनो हम मौसम नहीं जो कभी भी बदल जाएंगे...
आफताब सा जलते है हर मौसम में निकल आएंगे..
इश्क की दास्तान लिखते लिखते गुजर जाएगा जीवन..
मोहब्बत की बारिश में भीग जाएंगे ऐसा बरसेगा सावन..

तुम्हारा साथ पाकर जीने का बहाना मिल गया...
नाम आंखों से मेरे लबों ने मुस्कुराना सीख लिया..
तुम हमेशा साथ रहना मेरे जैसे,,राधा संग रहे मोहन..
मोहब्बत की बारिश में भीग जाऐगे ऐसा बरसेगा सावन..

Hindi Romance by kanchan Savi : 111918758
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गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर
गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर

सुबह की पहली किरण जैसे ही खेतों पर पड़ती, पूरा गांव सुनहरी रोशनी से जगमगा उठता। पक्षियों की मधुर चहचहाहट, मंदिर की घंटियों की आवाज़ और ठंडी हवा मन को एक अलग ही शांति देती थी।

शहर में रहने वाली अनन्या कई साल बाद अपने दादा-दादी के गांव आई थी। शहर की भागदौड़, ट्रैफिक और मोबाइल की दुनिया में वह खुद को थका हुआ महसूस करती थी। गांव पहुंचते ही उसने देखा—हर चेहरे पर मुस्कान थी, हर घर का दरवाज़ा खुला था और हर इंसान एक-दूसरे का हाल पूछ रहा था।

एक सुबह दादाजी उसे खेतों में ले गए। हरी-भरी फसलें हवा के साथ झूम रही थीं। किसान मेहनत कर रहे थे, लेकिन उनके चेहरों पर संतोष साफ दिखाई दे रहा था।

अनन्या ने पूछा, "दादाजी, यहां लोगों के पास शहर जैसी सुविधाएं तो नहीं हैं, फिर भी ये इतने खुश कैसे हैं?"

दादाजी मुस्कुराए और बोले, "बेटी, खुशी बड़ी-बड़ी इमारतों में नहीं, बल्कि संतोष, अपनापन और प्रकृति के साथ जीने में होती है।"

उस दिन अनन्या ने बच्चों के साथ मिट्टी में खेला, पेड़ों की छांव में बैठकर कहानियां सुनीं, तालाब किनारे सूर्यास्त देखा और रात को खुले आसमान में अनगिनत तारों को निहारा।

जब वापस शहर लौटने का समय आया, तो उसके दिल में एक नई सोच जन्म ले चुकी थी। उसने समझ लिया कि जीवन का असली सुख केवल पैसा कमाने में नहीं, बल्कि अपनों के साथ बिताए गए पलों और प्रकृति के करीब रहने में है।

उसने तय किया कि चाहे वह शहर में रहे, लेकिन गांव की सादगी, प्रेम और शांति को हमेशा अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखेगी।

सीख:
"सच्ची खुशी वहीं मिलती है, जहां मन को शांति, रिश्तों में अपनापन और प्रकृति का साथ मिलता है। गांव की सादगी ही जीवन की सबसे बड़ी दौलत है।" 🌿🌾

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