आज का जमाना
कुछ अच्छा हुआ तो कुछ बुरा ।
कुछ सराहनीय हुआ तो कुछ असहनीय ।
आज का जमाने ने बहुत पीछे छोड़ दिया है पिछले जमाने को ।
फिर भी कुछ परंपरा और विश्वास साथ लेकर चल रहे है ।
नई पीढ़ी आई जो मोबाइल में फस गई
पुरानी पीढ़ी एकलता में धस गई ।
नई पीढ़ी टेक्नोलॉजी में व्यस्त है तो ।
दुनिया प्रदूषण से ध्वस्त हो रही है ।
नई पीढ़ी ना ही देख रही है
प्रकृति का रौद्र रूप ।
ना ही प्रकृति का हनन ।
आस लगाए बैठे है पेड़ पौधों
अपनी प्यास बुझाने को ।
कोई आए ऐसा जो
जगाए नई पीढ़ी को ।
वरना हाल यही होना है
सबका जो हुआ हमारा है ।
न रहेंगे वह ना रहेंगे हम ।