क्या संग है तेरा साथ मेरा,
कब तक करु इंतजार तेरा।
हर राहा हर वक्त पूछ रहा है,
मुझसे तेरा पता क्या संग है....।।
खुद को मना लेती हूं,
ये कहें कर की आएं गा।
वो एक दिन तुझे लेने,
चल देना उसके संग तूं।।
होगा उसका हाथ तेरे हाथ में,
ख्वाहिश है बस मेरी ये ही।
गवा होगें ये चांद तारे मेरे प्यार के,
क्या संग है तेरा साथ मेरा ।।
जितनी भी हो मेरी जिंदगानी,
सब तेरे संग हैं बितानी ।
गमों को है पीना और घावों को सीना,
तेरे संग में है जीना तेरे संग है मरना ।।
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Muskan