मरा-मरा कह कर
वाल्मीकि कहने लगे राम..
"*राम नाम तब बन गया
अपने आप में समस्त ब्रह्माण्ड..
युग-युग से अमर है, 'एक ही नारा..
राम कहो या श्रीराम कहो'..
अयोध्या का पुत्र है, सबको प्यारा*"
जप कहें या तप
समाधि कहें या त्याग
हर ओर राम का ही जयकारा है...
सनातन धर्म कोई सामान्य
नहीं..
"सभ्यता से संस्कृति तक"..
बस एक ही सबका अरमान..
जय श्रीराम
जय श्रीराम
(डॉ अनामिका)