जय श्री राम
विनय
वंदे श्री रामचंद्र स्मरण सत्तावनी।
रचित कथा यमाजास्य पावनी।।
विनय सहित रचित छंद चरण
एक-एक अक्षर पातक निवारण
श्री राम नाम सहस्त्र कोटि वंदन
मर्यादा पुरुषोत्तम रामाभिनंदन।।
अथ ध्यानम्
वंदे राम सीतापति सुंदरम्।
वंदे राम मर्यादा पुरुषोत्तम्।।
वंदे धनुष बाण कर धारी।
वंदे श्री हरि नर अवतारी।।
वंदे अयोध्या पुनित पावनी।
वंदे राम वंदे राम सत्तावनी।।
वंदे राम भक्त जन चरणम्।
वंदे रामम् रघुनाथम् शरणम्।।