#Empathy
जिंदगी के सफर में साथी खुदगर्ज नहीं चाहिए.!!
बांट सके जो सारे गम मेरे ऐसा हमदर्द चाहिए..!!
मिले कोई साथी की जिंदगी आसान हो जाए..
गुमनाम से शहर में..मेरी भी पहचान हो जाए..
सब गहरे घाव भर सकें...ऐसा मरहम चाहिए..
बांट सके जो सारे गम मेरे ऐसा हमदर्द चाहिए..!!
अपने हालातो से अब बहुत टूट चुकी हूं मैं…
अपनी पराए क्या जिंदगी से रूठ चुकी हूं मैं..
लड़खड़ाते कदम संभाले वो हमकदम चाहिए..
बांट सके जो सारे गम मेरे ऐसा हमदर्द चाहिए..!!
चंद मीठे लफ्जों की कीमत अब चुकानी है..
तेरी वो हमदर्दी...मेरे हर दर्द की निशानी है..
सभी गमों को ढाक सके ऐसा पर्दा चाहिए..
बांट सके जो सारे गम मेरे ऐसा हमदर्द चाहिए..!!