तुम बन जाओं कृष्ण मैं बन जाऊंगी राधा...
साधा सा रहे प्रेम मेरा..रहें प्रेम की मर्यादा..!!
जहां बिछड़े थे वही इंतजार रहेगा हमेशा...
दिल में तुम्हारा..प्यार धड़कता रहेगा सदा..
मुरझा कर भी अपने प्रेम रखूंगी तरोताजा...
साधा सा रहे प्रेम मेरा..रहें प्रेम की मर्यादा..!!
तमन्ना नहीं की इश्क तेरी बगावत करूं..
सजदा करूं मैं तेरा तेरी ही इबादत करूं..
सजदा करुंगी...तेरा बस इतना सा इरादा..
साधा सा रहे प्रेम मेरा..रहें प्रेम की मर्यादा..!!
कुछ पल हम राह हो गए जब तुम मिले..
सुनें ख्वाब भी खेलने लगे जब तुम मिलें..
ना कभी कसम खाई ना किया कोई वादा..
साधा सा रहे प्रेम मेरा..रहें प्रेम की मर्यादा..!!
क्या बात थी तुझ में जो समझ नहीं पाई..
तेरे तरफ बढ़ते कदमों को रोक नहीं पाई..
मेरा हर ख्वाब ख्याल तेरे बिना हुआ आधा..
साधा सा रहे प्रेम मेरा..रहें प्रेम की मर्यादा..!!