Hindi Quote in Poem by Preeti

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

प्रेम व्यक्ति से नहीं,
उसके व्यक्तित्व से होता है।
जितने सहज ये शब्द हैं,
प्रेम भी उतना ही सहज है।
प्रेम को जटिल हमारी असहज सोच बनाती है।
जिस दिन हम यह सत्य अपना लेंगे
कि
समय के साथ व्यक्ति का व्यक्तित्व बदलता है,
बदलते रहना प्रकृति का नियम है।
यक़ीन मानिए,
उस रोज़ प्रेम की सहजता स्वतः समझ आ जायेगी।
गतिमान समय के संग प्रेम भी चलायमान है।
कैसे?
जिस प्रेम में होने के पश्चात
हमने स्वयं को नहीं निखरता पाया,
वो प्रेम नहीं, एक आडंबर है ,
यह कटु सत्य हमें स्वीकार कर लेना चाहिए।
वो प्रेम भी कैसा प्रेम?
जिसमें भ्रमित होकर प्रेमी को,
मोह पाश में बांधना उचित लगता हो!
जीवन का प्रथम एवं अंतिम
तथा एकमात्र यथार्थ है "बिछड़ना"!
इस वास्तविकता से जीवन पर्यंत हम भागते हैं,
किसलिए?
अकेले रह जाने का भय हमें ,
हमारी असली ज़िंदगी से दूर ले जाता है।
दिखावे की दुनिया में प्रवेश दिलाती है ये चिंता ।
प्रेम से, प्रेमी से बिछोह का डर!
कहां तक जायज़ है इस डर में जीवन जीना?
प्रेम हमें पीड़ा नहीं पहुंचाता,
हमारी अपेक्षाएं हमें कष्ट दे जाती हैं।
प्रेम अमर है, शाश्वत है।
उसे समय के धागों में बांधना अनुचित है।
प्रेमी भी अमर हो जाता है अपने प्रेम में।
ज़रूरत है तो बस, विश्वास की!
विश्वास अपने प्रेम पर, स्वयं पर!
हमनें प्रेम को स्वीकार किया,
प्रेम ने हमें स्वीकार लिया।
जिस क्षण हम प्रीत के बदले ,
अनुराग की उम्मीद करना शुरू करते हैं,
उसी क्षण हम इसे खो देते हैं;
और इसे एक व्यापार बना लेते हैं।
हमें प्रेम को पवित्र रखना चाहिए।
जिस प्रकार हम ईश्वर के समक्ष ,
अपनी शुचिता लेकर उपस्थित होते हैं,
हमें वही निष्कपट भाव प्रेम;
और प्रेमी के लिए भी अपनाना चाहिए।

Hindi Poem by Preeti : 111902092
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now