चाहती हूँ,मैं भी प्रसिद्ध हो जाऊं
पर क्या करूं?
कोई राजनैतिक पहचान नहीं--
कोई दिखावट की दुकान नहीं--
धर्म का मकाऩ नहीं--
समाज का एहसान नहीं--
संप्रदाय का सामान नहीं--
फिर तुम ही कहो, कैसे पहचान बनाऊं?
क्या तुम चाहते हो?
सरेआम अपना सर कलम करवाऊं?
या, सुर्खियों में छप जाऊं
तुम ही बताओ---?
---डॉ अनामिका---