विषय : सिंगल 2.
✍️हमारे समाज में कुछ पुरुष जाती है वैसी की जो सोचते है की अकेली है, 30 की उमर निकल गई है, अभी तक कोई मिला नही लगता इसको, और सोचते है मजे तो उसे भी करने होगे , कुछ घटिया किसमे के लोग जिनके दिमाग में सुबह ,शाम, sex के विचार चलते है, ऐसे लोग बहुत गंदी नजरो से ताड़ है सिंगल औरत को, पहले तो उसके साथ Gentleman वाला Behaviour करके सबसे पहले स्त्री का भरोसा जीतते है, उसके बाद inappropriately touch करते है। और लड़की को वैसे फील करवाते है जैसे , की तुम मरी जा रही थी मेरे साथ सोने के लिए। जब वो लड़की उस पुरुष को ये सच समझाती है की उसे कोई intrest नही है उसमे तो वो बात ये पुरुष हजम नही कर पाते है। और उस लड़की को बदनाम करते है की वो एक Characterless बंदी है, बिचारी सिंगल है, मजे करने उसको भी चाहिए। एक कड़वा सच है की एक स्त्री अपनी पूरी जिंदगी sex के बिना निकाल सकती है लेकिन एक पुरुष कभी sex के बिना जी नहीं सकता। कुछ होते है जो सन्यास ले लेते है उन की बात अलग है।
आगे हम ने जाना की की पुरष की सोच किस प्रकार की होती है, हालाकि सारे वैसे नही होते है, लेकिन कुछ होते है इंसान के रूप में भेड़िए जो अपनी फितरत को कभी बदल नही सकते है।
✍️हमारे समाज में सिंगल औरतों को कोई इज्जत की नजर नहीं देखता भेड़िए किसमे इंसान खास करके, और बहुत छोटी और निम्न सोच रखने वाले लोग सिंगल औरत को नीचा दिखाना बात बात पे ताने कसना नहीं भूलते हैं।
क्यों पुरुष की सोच इस प्रकार होती है की।
🌞सिंगल लड़की खुली हुई तिजोरी की तरह होती है, उसके सर पे मर्द का साया नही है।
🌞सिंगल औरत की कोई इज्जत नहीं होती,चाहे वो सिंगल हो,तलाख शुदा हो या विधवा हो,
🌞पुरुष सिंगल औरत को टारगेट बनाते है, प्रेमजाल में फसी तो ठीक है, और मिल जाए तो कुछ वक्त तक बहुत अच्छी है और न मिले तो बाजारू औरत का टैग लगा दिया जाता है।
🌞कितना सरल होता है एक पुरुष के लिए एक स्त्री पे कीचड़ उछाड़ना, और कई बार तो औरते भी वैसे पुरुष का साथ देती है, उन्हे पता है उनका पति गलत है लेकिन खुद को मजबूर बनाकर वो दूसरी औरत पे लांछन लगाती है, कीचड़ उठा ती है।