-- नाज़ुक बहन __♥️
नन्ही सी मासूम सी बिटिया,
बिटिया मानो जैसे गुड़िया_
सहज, सलोना, कोमल, सुंदर,
पंखुडियों जैसा निर्मल चेहरा_
छोटी जुल्फे, प्यारी आँखें,
काया पे सुंदरता का पहरा__💝
वो लाड प्यार में पली हुई,
वो निर्मलता में ढली हुई_
वो छोटी सी नादान सी गुड़िया,
ना जाने कब बड़ी हुई_🤗
नन्हीं सी मुस्कान लिए,
वो सबसे छल कर जाती है_
अपने भीतर के समंदर को,
दुनिया वालो से बचती है_
खुद ही खुद के समंदर का,
वो स्नान पान कर जाती है_
हां, वो समंदर दुखो का है,
वो कभी नहीं जताती है__🙁
य दुख , य कस्ट , चिंता, विकार,
तुम्हें इनसे नहीं बिखरना है_
हो होनहार तुम समझदार,
तुम्हे सबसे अलग निखरना है__
ना तारो सा, ना सीतारो सा,
ना सूरज और ना चंदा सा_
कुछ ऐसा तुमको करना है,
तुम्हें सबसे अलग चमकना है__✨
.......................................
वक़्त के धीमे पहरे में,
उमर की रफ़्तार होती है_
बेटे तो सिर्फ बड़े होते हैं,
बेटियां समझदार होती हैं__💝
........................................
___________________
मेरी प्यारी बहने ♥️
------------------------------