when you're lost, you find purpose in the most unexpected place.
न जाने कितने जीवन गुजर गए, न जाने कितने जन्म नए हो गए और हमारे जो अतीत में जन्म हुए थे, उन जन्मों के विषय में कोई कुछ तनिक भी ज्ञात नही और नही ही स्वयं के अतीत व अस्तित्व का ज्ञात करने का प्रयास हमने कभी किया है और ऐसे में दुसरो के अतीत और अस्तित्व में जीवन को उलझाकर, स्वयं के जीवन को ऐसे ही और उलझा हुआ जी रहे है।
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Shubh Tripathi