अपनी माँ से सीखा हुआ अपनी बेटी को लौटा रही है....
कभी खुद कमजोर हुआ करती थी बेटी को मजबूत बना रही....!!
अन्धेरो से जो डर जाया करती थी अपनी बेटी को अन्धेरे से निकालकर उजाला दे रही है...!!
जो कभी खुद के लिये लडी नहीं है वो अपनी बेटी के लिये हर किसी लड जा रही है....!!
जो कभी अधिक उजाले में खुद आंखॆ मीच लेती थी आज अपनी बेटी को अधिक उजालो को आंखों से आंखें मिलाना सीखा रही है...!!
जो खुद को रुढिवादी बेडियो में जकडी थी आज अपनी बेटी के लिये हर बेडिया टोड रही है...!!
@ममा 🌻