तुझे छू लूं
हसरतें लाख है जीवन की,
मगर एक ख्वाब जो जिंदगी सा लगे है,
तेरा साथ पाऊं, तुझे पा लूं,
तुझे छू लूं तो दिल जिंदा सा लगे हैं,
तुझे छू लूं तो दिल जिंदा सा लगे हैं।
नजारे हैं बहुत खूबसूरत,
नायाब जहां में बिखरे हुए,
तेरी सूरत के दीदार से,
नैनो को ठंडक सी लगे हैं,
तुझे छू लूं तो दिल जिंदा सा लगे हैं।
हर तरफ रंगीन दुनिया में,
महकते फिरते अनगिनत चेहरे,
तेरी खुशबू के एक झोके से,
रूह जागी सी लगे हैं,
तुझे छू लूं तो दिल जिंदा सा लगे है,
लजीज- ए- दा दावतों के दरमियां,
हर शख्स मस्त दिखता यहां,
तेरे हाथ से कटक निंबोड़ी,
मिश्री की डली सी लगे हैं,
तुझे छू लूं तो दिल जिंदा सा लगे हैं।
आबाद- ए -जहान में,
हर तरफ है शोर गुल,
हर तरफ है भीड़ भाड़,
हर तरफ है मारामारी,
मगर एक तेरे बिना,
सारा जग सूना सा लगे हैं,
तुझे छू लूं तो दिल जिंदा सा लगे हैं।