मैं कल भी सही था,
आज भी सही हूँ
मैं कल भी सही था,
और आज भी सही हूँ
लोग कहते हैं यार,
तु तो बदल गया
पर मैं जो पहले था,
आज भी वहीं हूँ
फर्क़ बस इतना है कि,
मैं गिरकर उठा हूँ
जहां सदियों पहले खड़ा था,
आज भी खड़ा वहीं हूँ
वक्त के साथ इंसान नहीं बदलता,
बदलते उनके तेवर हैं
जैसे हर रोज बदलती,
दुल्हन अपनी जेवर है
- विशाल धुसिया