दिल की गुझारीश.........
सिमट जाना है मुझे, बांहे फैलाए आओ ना.....
रूठी हूं तुमसे, मनाने आओ ना...
भीड़ में भी अकेली हूं, साथ निभाने आओ ना...
नींद नहीं आती,दो बोल मीठे सुनाओ ना....
आंखे तरस गई,अब तो दर्शन कराओ ना...
बेहद याद आती हैं,अपने पास बुलालो ना....
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जानती हूं, मृगजल से हो तुम, सपना बनकर आ जाओ ना......."RUP"