बहोत हुए शिकवे गीले
अब तो खुदको बदलना है
देखें ज़रा खुदको आज़माके
हममें कीतना दम है.
नज़रें चुराके ना कभी
जींदगीका गुजारा होता है
अब तो नज़रसें नज़रें मीलाके
जमानेको कसब दीखाना है.
माना कहना आसान है
पर करगुजरना है मुश्किल
पर मुश्कीलोके डरसे पीछे
मुंडजाना हमें गवारा नहीं
रोने बिलखनेसे ना कभी
वक़्त बदलता है
हमें अपनी बलबूते पर
कुछ कर गुजरना है.
जब तक साथ रहे कान्हा तेरा
मुश्किलों से क्या गभराना
मेरे शीर पे हो हाथ तेरा
राहोकी चट्टानों से
टकराके गुज़रजाना है.