आवाज़ें छुपा के रखना
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मुहब्बत की राहों पर कदम रखने से पहले
ये बातें ध्यान में रखना,
खामोशियां, तन्हाइंया, रूसवाइंयां, वीरानियां,
जैसे शब्दों की परिभाषायें याद रखना।
इन राहों में कभी ऐसी चुप्पियां भी आयेंगी,
जो तुझे जीने देंगी, न मरने देंगी,
इन वक्तों के लिये कुछ आवाज़ें छुपा के रखना।
यूं तो रोना ही है अब तुझे सारी जि़न्दगी,
वह रात जरूर आयेगी जब तुझको उससे छुड़ायेगी,
उस वक्त के लिये पलकों में आंसू बचा के रखना।
इस राह पर चलना अपनी नींदों को नीलाम करना,
जागना तो तुझे उसके साथ, उसके जाने के बाद भी है,
हो सके तो अपनी आंखों में कुछ नींदे बचा के रखना।
लिखेगा तो तू सारी उम्र अफसाने यारियों के,
किताबों के ढेर लगा, जिस दर्द को कभी कह न सका,
उसके लिये कुछ सफ्हे बचा के रखना।
-शरोवन