तुम जैसा दिखाओगे मुझे वैसा ही दिखेगा |
मै तुम्हे नही जानती मगर तुम जानते हो मुझे
भीतर के उस पोर से जहाँ समझ के बीज अंकुरित
होते हैं |
मैने बुद्धि, विवेक , समझ सब तुम्हे सौंपा है मै मुझसे जो होगा वह तुम्हारी इच्छा | मै जहाँ जाऊँगी तुम्हारी इच्छा |
मै जो निभाऊँगी तुम्हारी इच्छा | मै जो नही निभाऊँगी तुम्हारी इच्छा | मै याद रखूँगी तुम्हारी इच्छा | मै भूल जाऊँगी तुम्हारी इच्छा | मै स्थिर हूँ तुम्हारी इच्छा | मै अस्थिर हूँ तुम्हारी इच्छा | मै नही जानती तुम्हारी इच्छा|
मै जान लूँगी तुम्हारी इच्छा |