मिले भी तो हम उस मोड़ पर मिले ,
जहां सिर्फ खामोशी के अलावा कुछ ना जताया जा सका यह लब कितना कुछ कहना चाहते थे पर कह ना सके और यह गोश कितना कुछ सुनना चाहते थे पर कुछ ना सुन सके।
सिर्फ खामोशी खामोशी और खामोशी
मिले भी तो हम उस मोड़ पर मिले जहां सिर्फ खामोशी के अलावा कुछ ना जताया जा सका.... बिंदु अनुराग
गोश- કાન
-Bindu _Anurag