जिंदगी – क्यों जब भी अच्छी लगने लगती हैं जिंदगी ,
तो लोग बुरे हो जाते है ,
क्यों सब सहने की आदत नहीं हो पाती है,
क्यों कोसने लगती हूं मैं जिंदगी को,
क्यों तू जिंदगी इतनी ना उम्मीद हैं,
पर अब बस समझ आ रही है तू जिंदगी,
अब रोने की बजाए खुश होकर जीएंगे,
कर ले सारी कोशिशें तू भी अगर कृष्णा साथ है ,
तो तू भी क्या कर पाएगी।
माना के तू बलवान है,
पर मेरे कृष्णा भी भगवान हैं,
तू तंग करके तो देख ,
वो खुद न आ जाए तो कहना,
चल जिंदगी थोड़ा तंग करले।
चल जिंदगी थोड़ा संग चल ले।