मृत्यु हर किसी की निश्चित है
फिर कौन अमीर है कौन गरीब है
किसका कौनसा धर्म है ?
वो हिन्दू है या फिर मुसलमान है
वो खिस्ती है या फिर शिख है
उससे मृत्यु से कोई मतलब नहीं है
यानी कि मृत्यु तो सबकी निश्चित है
फिर भले ही सबका कब्रिस्तान अलग अलग है
बाकी मृत्यु तो सबकी एक ही है ।।
नरेन्द्र परमार ✍️