तुम्हारे चेहरे की मुस्कान ,
जीवन के प्रति संतुष्टि और
मेरा तुममे आभाव देखकर इच्छा
प्रार्थना मे बदल जाती है ,
तुम्हारी अनवरत मुस्कान और,
प्रसन्नता के लिए |
शायद यही मुझे मुक्त कर पायेगा
नाहक कुण्डली मार कर बैठी उन
इच्छाओं से |
जो निरन्तर हृदय को
दृवित करती रहती है |
#अपेक्षा_ रहित